काल सर्प दोष पूजा उस व्यक्ति की कुंडली में मौजूद काल सर्प दोष के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए की जाती है। जब यह दोष सक्रिय होता है, तो जीवन में बार-बार परेशानियाँ आती हैं, जैसे देरी, डर, तनाव, धन की हानि, विवाह संबंधी समस्याएँ और शांति का अभाव। सही परिणाम के लिए पूजा सही तारीख और सही समय पर करना बहुत जरूरी होता है।
2026 में कई भक्त त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा की तारीख, सर्वोत्तम मुहूर्त और सही समय जानने के लिए खोज रहे हैं। यह लेख इन सभी बातों को आसान भाषा में समझाता है, जिससे पूजा की योजना बनाना सरल हो जाता है।
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काल सर्प पूजा तारीखें 2026
काल सर्प पूजा की तारीखें मुख्य रूप से चंद्र मास की तारीखें (तिथि) पर निर्भर करती हैं, सामान्य कैलेंडर की तारीखों पर नहीं। सबसे महत्वपूर्ण तारीखें अमावस्या, शिवरात्रि, नाग पंचमी और सोमवार पर आधारित होती हैं।
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा पूरे साल की जा सकती है, लेकिन कुछ तारीखें अधिक प्रभावशाली परिणाम देती हैं। इन्हें त्र्यंबकेश्वर में कालसर्प दोष पूजा की विशेष तारीखें कहा जाता है।
स्थिर तारीखों के बजाय पंडित यह देखते हैं:
• तिथि
• कुंडली
• दिन और समय
इसी कारण 2026 में त्र्यंबकेश्वर काल सर्प पूजा की तारीखें प्रत्येक व्यक्ति के लिए भिन्न हो सकती हैं।
सटीक तिथियाँ जानने के लिए हमेशा कुंडली जाँच कराना उचित होता है।
काल सर्प पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन
काल सर्प पूजा 2026 के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन आध्यात्मिक महत्व और ग्रहों की शक्ति पर निर्भर करता है।
अमावस्या – सबसे प्रभावशाली
अमावस्या को काल सर्प पूजा के लिए सबसे शक्तिशाली दिन माना जाता है। इस दिन राहु और केतु की ऊर्जा मजबूत होती है, और पूजा करने से उनके नकारात्मक प्रभाव शांत होते हैं। अमावस्या को की गई पूजा काल सर्प दोष कम करने में तेज और गहरा परिणाम देती है।
सोमवार – भगवान शिव का दिन
सोमवार भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। चूंकि काल सर्प दोष भगवान शिव की कृपा से जुड़ा है, इसलिए सोमवार को पूजा करने से व्यक्ति को शांति, सुरक्षा और संतुलन मिलता है। यह भय और तनाव को कम करने में भी मदद करता है।
महाशिवरात्रि
महाशिवरात्रि को पूजा करने के लिए अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। इस दिन की गई काल सर्प पूजा पुरानी बाधाओं और नकारात्मकताओं को दूर करने में प्रभावशाली होती है।
नाग पंचमी
काल सर्प और नाग पंचमी सीधे नाग देवता से संबंधित हैं। इस दिन की गई पूजा राहु और केतु से जुड़े serpent दोष को कम करने में मदद करती है और राहत प्रदान करती है।
श्रावण माह के सोमवार
श्रावण माह के सभी सोमवार पूजा के लिए बहुत ही शुभ माने जाते हैं। इन दिनों की गई काल सर्प पूजा व्यक्ति को गहन आध्यात्मिक लाभ और लंबे समय तक शांति प्रदान करती है।
इन सभी दिनों में, अमावस्या को काल सर्प पूजा के लिए सबसे उत्तम दिन माना जाता है।
पंडित हमेशा काल सर्प पूजा 2026 का सर्वोत्तम दिन तय करने से पहले कुंडली की जाँच करते हैं।
काल सर्प दोष पूजा का सर्वोत्तम समय
काल सर्प दोष पूजा का सही समय मुहूर्त देखकर तय किया जाता है। सही समय पर की गई पूजा का प्रभाव अधिक होता है।
• सुबह के समय
• शुभ मुहूर्त में
• राहुकाल से बचते हुए
सटीक पूजा समय इन बातों पर निर्भर करता है:
• दिन
• तिथि
• कुंडली के विवरण
इसलिए काल सर्प दोष पूजा का सर्वोत्तम समय बुकिंग से पहले हमेशा पंडित द्वारा सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
काल सर्प दोष पूजा की अवधि
बहुत से लोग काल सर्प दोष पूजा में लगने वाले समय के बारे में पूछते हैं।
आमतौर पर:
• पूजा में लगभग ढाई से चार घंटे लगते हैं
• कुछ विशेष पूजा में थोड़ा अधिक समय लग सकता है
• एक दिन में पूरी होने वाली पूजा सबसे अधिक की जाती है
काल सर्प दोष पूजा की अवधि इन बातों पर निर्भर करती है:
• काल सर्प दोष का प्रकार
• पूजा की विधि
• पूजा में होने वाले अनुष्ठानों की संख्या
पूजा शुरू होने से पहले पंडित पूरी पूजा की अवधि भक्त को साफ-साफ बता देते हैं।
राज शुक्ला गुरुजी द्वारा त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प दोष पूजा बुक करें: +91 7887878081
शिवरात्रि पर काल सर्प दोष निवारण
महाशिवरात्रि को काल सर्प दोष निवारण के लिए सबसे शक्तिशाली दिन माना जाता है।
शिवरात्रि क्यों है खास:
भगवान शिव को समर्पित दिन
महाशिवरात्रि पूरी तरह भगवान शिव को समर्पित होती है। भगवान शिव भय, नकारात्मकता और दोष को दूर करने वाले माने जाते हैं। इस दिन की गई काल सर्प दोष पूजा से जल्दी राहत और मानसिक शांति मिलती है।
अत्यंत मजबूत आध्यात्मिक ऊर्जा
शिवरात्रि के दिन वातावरण में बहुत अधिक आध्यात्मिक शक्ति होती है। इस समय की गई पूजा और साधना अधिक प्रभावशाली होती है और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को कम करने में मदद करती है।
राहु–केतु शांति के लिए श्रेष्ठ दिन
राहु और केतु का संबंध भगवान शिव से माना जाता है। शिवरात्रि को उनके नकारात्मक प्रभाव को शांत करने का सबसे अच्छा दिन माना जाता है। इस दिन राहु–केतु शांति या काल सर्प पूजा करने से ग्रहों का संतुलन बनता है और जीवन में स्थिरता आती है।
शिवरात्रि पर काल सर्प पूजा करने से लाभ:
• भय और तनाव में कमी आती है
• मन को शांति मिलती है
• लंबे समय से आ रही बाधाएँ दूर होती हैं
साल २०२६ में भी त्र्यंबकेश्वर में महाशिवरात्रि के दिन काल सर्प दोष निवारण के लिए बड़ी संख्या में भक्त पूजा कराते हैं।
नाग पंचमी पर काल सर्प दोष पूजा
नाग पंचमी का सीधा संबंध नागों की ऊर्जा से माना जाता है और काल सर्प दोष भी नागों की ही शक्ति से जुड़ा होता है। इसी कारण यह दिन काल सर्प दोष पूजा के लिए बहुत खास माना जाता है।
नाग पंचमी पर काल सर्प पूजा करने के लाभ:
• राहु और केतु का शमन होता है
• नाग दोष के प्रभाव कम होते हैं
• जीवन में शांति और संतुलन आता है
नाग पंचमी के दिन की गई काल सर्प पूजा उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है, जिनकी कुंडली में दोष अधिक प्रभावी होता है। इस दिन त्र्यंबकेश्वर में हर साल बड़ी संख्या में भक्त काल सर्प दोष निवारण के लिए पूजा कराने आते हैं।
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ पंडित
सही तारीख, सही समय और सही विधि से पूजा कराने के लिए सही पंडित का चुनाव बहुत जरूरी होता है।
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ पंडित
• पंडित का नाम: राज गुरुजी
• संपर्क नंबर: +91 7887878081
पंडित राज गुरुजी को कई वर्षों का अनुभव है:
• कुंडली देखना
• सही मुहूर्त तय करना
• वैदिक विधि के अनुसार पूजा करना
राज गुरुजी को क्यों चुनें
राज गुरुजी सही और सटीक सलाह देते हैं। वे बिना किसी दबाव और झूठे वादों के साफ-साफ बताते हैं कि काल सर्प पूजा करनी चाहिए या नहीं। साथ ही पूजा की सही तारीख, समय और पूजा कितनी देर चलेगी, इसकी पूरी जानकारी पहले ही दे देते हैं, जिससे पूजा के दिन किसी तरह की गलती या भ्रम नहीं रहता।
वे वैदिक पूजा की पुरानी और भरोसेमंद विधि का पालन करते हैं, ताकि पूजा का हर चरण शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार हो। किसी भी तरह का शॉर्टकट नहीं अपनाया जाता, जिससे पूजा का फल सही और प्रभावी रूप से मिलता है। राज गुरुजी हर व्यक्ति की कुंडली देखकर ही काल सर्प दोष पूजा की सबसे सही तारीख बताते हैं। वे किसी अंदाजे पर नहीं, बल्कि कुंडली के आधार पर निर्णय लेते हैं, ताकि पूजा सही समय पर और सही तरीके से हो सके।
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा का समय
त्र्यंबकेश्वर में काल सर्प पूजा का समय बुकिंग के बाद बताया जाता है। पूजा का समय इन बातों पर निर्भर करता है।
• मंदिर का समय।
• पूजा के लिए चुना गया दिन।
• शुभ मुहूर्त।
अमावस्या और खास दिनों पर पूजा के लिए पहले से बुकिंग करने से अच्छा समय आसानी से मिल जाता है।
ऑनलाइन बुकिंग और तारीख की पुष्टि
सही तारीख और समय की जानकारी आप आधिकारिक वेबसाइट से ले सकते हैं।
वेबसाइट: https://trimbakeshwartirth.com/
ऑनलाइन बुकिंग से होने वाले फायदे
• पूजा की तारीख पहले से तय हो जाती है।
• शुभ मुहूर्त की पुष्टि हो जाती है।
• पंडित की व्यवस्था पहले से हो जाती है।
• आख़िरी समय की उलझन से बचाव होता है।
यह तरीका साल २०२६ में काल सर्प दोष पूजा की तारीखों की योजना बनाने का सबसे आसान उपाय है।
साल २०२६ में काल सर्प पूजा की सही तारीख और मुहूर्त का चुनाव बहुत जरूरी होता है। पूजा सही दिन, सही समय और सही मार्गदर्शन में होने से अच्छा फल मिलता है।
संक्षेप में
• अमावस्या सबसे अच्छा दिन मानी जाती है।
• सुबह का मुहूर्त अधिक शुभ होता है।
• शिवरात्रि और नाग पंचमी बहुत प्रभावशाली दिन होते हैं।
• पूजा का समय आमतौर पर ढाई से चार घंटे का होता है।
• कुंडली देखना जरूरी होता है।
सही मार्गदर्शन और बुकिंग के लिए
• पंडित राज गुरुजी – +91 7887878081
• वेबसाइट –https://trimbakeshwartirth.com/
श्रद्धा, सही समय और सही विधि से पूजा करने पर जीवन में धीरे-धीरे शांति और संतुलन आने लगता है।

